महाकाल को प्रसन्न करने वाला है महाकाल स्त्रोत

महाकाल को प्रसन्न करने वाला है महाकाल स्त्रोत 


भगवान महाकाल स्वयं भैरवी को महाकाल स्त्रोत का वर्णन करते हुए कहते हैं कि शिव भक्तों के लिए यह स्त्रोत वरदान स्वरूप है। जो भक्त नित्य महाकाल स्त्रोत का पाठ करता है उसकी अकाल मृत्यु नहीं होती है तथा किसी भी प्रकार के असाध्य रोगों से भी व्यक्ति को मुक्ति प्राप्त होती है। भगवान महाकाल स्वयं काल के भी काल है। काल का अर्थ होता है समय भगवान महाकाल के इस स्त्रोत के पाठ से भक्तों का यदि बुरा समय भी चल रहा हो तो वह अच्छे समय में परिवर्तित हो जाता है। जन्म कुंडली में यदि राहु अथवा शनि की महादशा हो तो इस स्त्रोत का नित्य पाठ करना चाहिए। इससे ग्रहों के बुरे प्रभाव में कमी आती है। महाकाल स्त्रोत कुछ इस प्रकार से है।


महाकाल स्तोत्र:-

ॐ महाकाल महाकाय महाकाल जगत्पते महाकाल महायोगिन महाकाल नमोस्तुते महाकाल महादेव महाकाल महा प्रभो महाकाल महारुद्र महाकाल नमोस्तुते महाकाल महाज्ञान महाकाल तमोपहन महाकाल महाकाल महाकाल नमोस्तुते भवाय च नमस्तुभ्यं शर्वाय च नमो नमः रुद्राय च नमस्तुभ्यं पशुना पतये नमः उग्राय च नमस्तुभ्यं महादेवाय वै नमः भीमाय च नमस्तुभ्यं मिशानाया नमो नमः ईश्वराय नमस्तुभ्यं तत्पुरुषाय वै नमः सघोजात नमस्तुभ्यं शुक्ल वर्ण नमो नमः अधः काल अग्नि रुद्राय रुद्र रूप आय वै नमः स्थितुपति लयानाम च हेतु रुपआय वै नमः परमेश्वर रूप स्तवं नील कंठ नमोस्तुते पवनाय नमतुभ्यम हुताशन नमोस्तुते सोम रूप नमस्तुभ्यं सूर्य रूप नमोस्तुते यजमान नमस्तुभ्यं अकाशाया नमो नमः सर्व रूप नमस्तुभ्यं विश्व रूप नमोस्तुते ब्रहम रूप नमस्तुभ्यं विष्णु रुप नमोस्तुते रुद्र रूप नमस्तुभ्यं महाकाल नमोस्तुते स्थावराय नमस्तुभ्यं जंघमाय नमो नमः नमः उभय रुपा भ्याम शाश्वताय नमो नमः हुं हुंकार नमस्तुभ्यं निष्कलाय नमो नमः सचिदानंद रुपआय महाकालाय ते नमः प्रसीद में नमो नित्यं मेघ वर्ण नमोस्तुते प्रसीद में महेशान दिग्वासाया नमो नमः ॐ ह्रीं माया - स्वरूपाय सच्चिदानंद तेजसे स्वः सम्पूर्ण मन्त्राय सोऽहं हंसाय ते नमः


फल श्रुति


इत्येवं देव देवस्य मह्कालासय भैरवी कीर्तितम पूजनं सम्यक सधाकानाम सुखावहम 

।। इति महाकाल स्तोत्र सम्पूर्णम् ।।


पंडित योगेश पौराणिक (ज्योतिषाचार्य)

Post a Comment

0 Comments